चीन के ‘टू बिग’ सत्र में दलाई लामा के प्रति नीतिगत बदलाव का इशारा

बीजिंग की नीतियों में दलाई लामा के प्रति बदलाव तब स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हुआ जब बारहवीं राष्ट्रिय जन कांग्रेस (NPC), यानि चीन की संसद जैसी चीज़ 15 मार्च 2016 को ख़त्म हुई। चीन ने एन.पी.सी. के सत्र और चिनिं के सी.पी.पी.सी.सी.

वायु शक्तिः सैन्य अभियान सपोर्ट के लिए जमीनी आक्रमण क्षमता बढ़ाना अपरिहार्य

भारतीय वायु सेना की ताकत का प्रदर्शन करने के लिए किये जाने वाले आयरन फिस्ट अभ्यास की पूर्व संध्या पर हाल ही में एयर मार्शल बीएस धनोआ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ने के लिए वायु सेना के पास पर्याप्त संख्या नहीं है। यह एक ऐसी बात है जिसका सार्वजनिक रूप से कहा जाना अपने आप में एक दुर्लभ बात है। भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन संख्या 39.5 से कम होकर 32 रह गई है जिसके कारण जमीनी स्तर पर लक्ष्य पर प्रहार करने और नेस्तानाबूत करने की वायु सेना की ताकत बहुत बुरे तरीके से प्रभावित हुई है। हाल ही में वाशिंगटन डीसी स्थित ‘कार्नेज एंडोवमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ के सीनियर रिसर्च असोस

रक्षा सौदा नीति 2016 के सफल कार्यान्वयन के लिए जानकारियों को एकीकृत करने की जरुरत

सरकार ने रक्षा सौदों की नीति (डी.पी.पी.) को मार्च 2016 में जारी किया है, ये उनकी विचारधारा के अनुरूप है जिसमें सरकार मानती है कि ‘रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सामरिक और आर्थिक दोनों नजरिये से जरूरी है’। डीपीपी आन्तरिक रूप से डिजाईन किये, निर्मित और उन्नत किये गए उपकरणों को प्राथमिकता देता है। इस से पहले भी डीपीपी 2013 में इस बात पर विशेष बल दिया गया था कि आतंरिक रूप से निर्मित उपकरणों को खरीदने पर पहले ध्यान दिया जाये, जब ऐसे उपकरण भारत में उपलब्ध ना हों तभी बाहर की तरफ नजर डाली जाये। किन्ही कारणों से स्वदेशी उपकरणों में इस से कुछ ख़ास बढ़ोत्तरी नहीं आई। स्वदेशीकरण के प्रयासों की विफलता पर

The Boko Haram challenge in Africa

After six years of deadly Islamic insurgency by Boko Haram which has caused more than 20000 civilian and military casualties so far, finally Nigerian Army in cooperation with forces from Benin, Chad, Niger, and Cameroon seem to get some success in their military campaign against the extremist group.

Boko Haram which was holding swathes of territory in north eastern Nigeria’s Borno, Yobe and Adamawa state last year has lost control over much of the part it had seized.

हाथ से निकलते इलाके, दाएश के सामने नयी चुनौती

पूरी दुनिया में खिलाफत की स्थापना की शपथ लेने वाले इस्लामिक स्टेट या दाएश जैसे संगठन के लिए अपने कब्जे वाले इलाकों का हाथ से खिसकते जाना निश्चित रूप से एक झटका है। अमेरिका स्थित एक सूचना एजेंसी का अनुमान है कि एक जनवरी से 14 दिसंबर के बीच इराक और सीरिया में दाएश के कब्जे से 12,000 वर्ग किलोमीटर का इलाका छिन गया और यह 78,000 वर्ग किलोमीटर रह गया, यह कुल 14 प्रतिशत भूभाग का नुकसान है।1 पिछले साल 30 सितंबर से सीरिया में शुरू हुए रूस के हवाई हमलों ने दाएश को अलग-थलग करने में बड़ी भूमिका निभायी। रूसी दखल की बदौलत बशर अल असद की फौज और उसके सहयोगियों ने इस साल मार्च के आखिर में दाएश को पालम

हंदवाड़ा और इसके दुष्परिणामः देश की मनोदशा

मैं जितना अधिक सोशल मीडिया को पढ़ता हूं उतना ही अधिक मुझे देश की मनोदशा के बारे में पता चलता है। देश की मनोदशा कभी भी स्थिर नहीं होती है, यह समय और आज दुनिया को आकार दे रहे सोशल मीडिया के साथ बदलती है। अगर हमारी खूफिया संस्थाएं और देश व जम्मू-कश्मीर राज्य के नेता सोशल मीडिया का विश्लेषण नहीं कर रहे हैं तो वे अंततः हर समस्या के संदर्भ में देश की मनोदशा को सही से समझने में चूक कर रहे हैं। हंदवाड़ा की घटना ने केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश की भावनाओं को व्यापक स्तर पर उद्वेलित किया है। इससे एक और जहां घाटी में कुछ लोग निश्चित दुस्साहस करने के लिए उकसाये गए हैं वहीं दूसरी ओर इससे देश में

Will Saudi Arabia Destabilize global Financial Markets?

At the heart of the matter is 28 pages of the original Congressional report which probed the 9/11 attack on twin towers. These 28 pages were never released since it is supposed to link some members of Kingdom of Saudi Arabia as abettors of that crime. Now the US Congress is considering a bill that would allow the Saudi government to be held responsible in American courts for any role in the Sept. 11, 2001, attacks.

अफगानिस्तान: विध्वंस की राह पर ?

चतुर्भुज समन्वय दल (Quadrilateral Coordination Group (QCG)) के नए शांति प्रयासों में जुटे शैतानी सरगना पकिस्तान, पीड़ित पक्ष अफ़गानिस्तान, आर्थिक प्रबंधक अमेरिका और मूक दृष्टा चीन के संयुक्त प्रयासों के वाबजूद अफगानिस्तान की हालत कोई बहुत अच्छी नहीं लगती। कल तक जो सिर्फ एक डर था, या कहिये कि दुःस्वप्न था, वो आज सच होता नजर आता है। ख़ास तौर से सुरक्षा के क्षेत्र में ये डर हकीकत बनता दिखता है।

चीन के साथ नेपाल की रणनीतिक संधि

नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की हालिया 20 से 27 मार्च के बीच हुई चीन यात्रा के दौरान नेपाल ने व्यापार और पारगमन क्षेत्र, ऊर्जा सहयोग और संपर्क क्षेत्र सहित दस समझौतों पर हस्ताक्षर किये। पारगमन क्षेत्र में नेपाल ने कोलकाता बंदरगाह के विकल्प के तौर पर अब चीन के ग्वांग्‍झू बंदरगाह को इस्तेमाल करने का अधिकार प्राप्त कर लिया है। चीन अब नेपाल को तेल की आपूर्ति करने के लिए तैयार हो गया है। साथ ही चीनी रेलवे का विस्तार भी तिब्बत नेपाल बॉर्डर के रास्‍ते काठमांडू, पोखरा और उसके आगे लुंबिनी तक किया जाएगा। लुंबिनी भारत नेपाल सीमा से सिर्फ 25 किलोमीटर दूर स्थित है।