Sri Lanka-SLFP Hold Crucial 65th Convention

‘Leadership is action, not position’. - Donald McGannon

The Sri Lanka Freedom Party (SLFP) held its politically crucial 65th Convention on September 4, 2016 at Kurunegala, a stronghold of President Sirisena’s political opponent and former President Mahinda Rajapaksa (MR). The meet was presided over by the President who is also the party Chairman. Despite the boycott by 'Joint Opposition' SLFP MPs loyal to MR, the meeting saw the largest ever turnout of party supporters in the history of the party conventions.

Time to hit and hurt the Pakistan army!

'For every act of terrorism on Indian territory for which there is credible evidence pointing to the Pakistan army and the ISI's involvement, carefully calibrated military strikes must be launched against the Pakistan army,' says Brigadier Gurmeet Kanwal (retd). The Pakistan-sponsored fidayeen attack on an army camp in Uri on September 18, that resulted in the martyrdom of 17 soldiers, is the worst since 2002. Though all four fidayeenwere killed, that is cold comfort for an army at the receiving end.

Such large-scale casualties must not go unpunished.

न्यापालिका बनाम व्यवस्थापिका- शीघ्र समाधान की आवश्यकता

यह साफ नजर आ रहा है कि जजों की नियुक्ति के मामले पर केंद्र सरकार और न्यायपालिका के बीच का टकराव जल्दी खत्म नहीं होने वाला है। जब से सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएनसी) की वैधता को अवैध ठहराया है तब से दोनों के बीच का टकराव और बढ़ गया है। सरकार उस समय बहुत क्रुद्ध हुई जब यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू किये गए और एनडीए सरकार द्वारा आगे बढ़ाए गए प्रस्ताव को संसद ने संविधान (99वां संशोधन) बिल के रूप में पास करके राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन का रास्ता साफ किया और कोर्ट के इस फैसले से यह सारी मेहनत बेकार चली गई। लेकिन सरकार के सामने इस कड़वी गोली को निगल

Connectivity at the Core of India’s Act East Policy

Since early 1990’s when India ushered in economic reforms and amongst many other initiatives announced its ‘Look East Policy’, India’s vision has been to restore its traditional linkages with its immediate as well as extended neighbourhood. Promoting connectivity has been a key element of India’s policy objectives of seeking partnerships on economic, technical and strategic fronts in order to widen India’s development options in line with its national interests.

पूरे विश्व में हिंसा तथा आतंक के विरूद्ध फतवा जारी करने का समय

बरेली की आला हज़रत दरगाह की संस्था मंजर-ए-इस्लाम सौदागरान ने पाकिस्तान के जमात-उल-दावा के संस्थापक तथा लश्कर-ए-तैय्यबा के प्रमुख हाफिज़ सईद के विरूद्ध फतवा जारी करते हुए उसे गैर इस्लामिक करार देते हुये हुक़्म जारी किया है कि हाफिज़ सईद के साथ सम्बन्ध रखने वाला या उसकी बातों को सुनने वाले को काफिर माना जायेगा। मुस्लिम धर्म गुरूओं का यह कदम एक स्वागत योग्य कदम है, क्योंकि काफी लम्बे समय से हाफिज सईद दक्षिण एशिया के इस हिस्से में अशान्ति तथा हिंसा का पर्याय बन चुका था।

Has the AIMPLB lost its Relevance?

Even as the dispute over triple-talaaq and polygamy amongst Indian Muslims rages in the society and in the courts, there has been an interesting twist to the episode. An advocate, Farha Faiz, who is also an activist for gender equality among Muslims, filed a petition in the Supreme Court earlier this month, seeking abolition of the All India Muslim Personal Law Board (AIMPLB) and the Sharia courts. A Bench of Chief Justice of India TS Thakur and Justice DY Chandrachud has taken cognisance of the petition and asked the Centre to respond in four weeks’ time.

Challenges in Stabilising The Streets of Kashmir

After two months of strife in the Kashmir Valley we may be just heading into better control of the situation which resulted from the response to the killing of Burhan Wani the young South Kashmir militant leader, on 8 Jul 2016. However, the time taken may not have been for want of trying. The Home Minister has been in one of the widest consultation in recent times which is proof of both the complexity of the situation and the seriousness of efforts to control the streets without use of unfettered state violence.

आसियान एवं आसियान सम्मेलनः ‘एक्टिंग ईस्ट’ के लिए अवसर एवं चुनौतियां

सितंबर 2016 की शुरुआत कई महत्वपूर्ण सम्मेलनों के साथ हो रही है। पहला जी-20 शिखर सम्मेलन है, जिसके बाद आसियान से जुड़े कई सम्मेलन होंगे, जिनमें 11वां पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और 14वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन शामिल हैं। जी-20 सम्मेलन पूर्वी चीन के हांगझू में 4-5 सितंबर 2016 को हो रहा है और और आसियान से जुड़े सम्मेलन 6 से 8 अक्टूबर के बीच वियंतिएन तथा लाओस में होंगे। दोनों सम्मेलन दक्षिण चीन सागर के संबंध में फिलीपींस एवं चीन के बीच विवाद पर स्थायी मध्यस्थता अदालत के महत्वपूर्ण फैसले के बाद हो रहे हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि अदालत के फैसले तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने के मसलों को च

A Realistic Understanding of Pakistan

With the spate of violent protests in Kashmir and Pakistan’s diabolical attempts to vilify India on the false grounds of human rights violations, once again the age-old and perennially relevant question in the strategic world has come up:“How should we deal Pakistan?” Time and again it has been felt that India has lacked a systematic and long-term Pakistan policy in the entire history of last 60 years. Our policy has at the most been reactionary, spontaneous, and short-term, and based on miscalculations.

भारत के विरूद्ध पाकिस्तान का प्रोपेगेन्डा/मनोवैज्ञानिक युद्ध

आतंकवाद को और ज्यादा प्रभावशाली तथा सफल बनाने के लिये आतंकवाद चलाने वाला देश इसके साथ प्रोपेगेन्डा तथा मनोवैज्ञानिक युद्ध का भी इस्तेमाल करता है और यही सब हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पिछले लम्बे समय से भारत के विरूद्ध कर रहा है। जैसा कि पूरा विश्व जानता है वर्ष 1971 के बंगलादेश युद्ध में करारी हार मिलने के बाद पाकिस्तान ने भारत से बदला लेने के लिये पहले अपनी सीमा से लगते पंजाब में खालिस्तान के नाम पर आतंकवाद तथा साम्प्रदायिक फूट डालने की कोशिश की और जब वह इसमें सफल नही हुआ तो उसने अपना फोकस जम्मू कश्मीर में तथा खासकर कश्मीर घाटी पर केन्द्रित कर लिया। आतंक बुरहान वानी की मौत पर हुए हिंसक प्रर्दशन