Ballistic Missiles: Sheet Anchors of India’s Nuclear Deterrence

On December 26, 2016, India tested the 5,000 plus km Agni-5 IRBM for the fourth time. The test that was conducted from Kalam Island in the Bay of Bengal achieved all the mission parameters that had been stipulated. After user trials over the next 18 to 24 months, the nuclear capable Agni-5 missile will be inducted into the Strategic Forces Command (SFC). On its operationalisation, all targets in China will come within range from India.

A Score Card for India's Foreign Policy in 2016

India continued its vigorous diplomacy in 2016 under Prime Minister Modi’s leadership. Modi’s aspiration to make India a “leading power” by overcoming the challenges it faces and the opportunities it offers was pursued during the year with characteristic energy and pragmatism. He continued to deliver a message to the outside world of a strong, confident and purposeful leadership in New Delhi, with ambitious political, security and economic objectives for the country.

क्यों खास हैं पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख?

पाकिस्तान के सेना प्रमुख पद पर लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा की नियुक्ति के साथ ही जनरल राहील शरीफ के संभावित उत्तराधिकारी के बारे में चल रही अटकलों पर विराम लग गया, लेकिन सरकार तथा सेना के कमजोर रिश्तों के भविष्य पर चर्चा इससे तेज हो जाएगी। हालांकि जनरल शरीफ फरवरी में कह चुके थे कि तीन वर्ष का अपना कार्यकाल पूरा होने पर वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे तथा विस्तार पाने का प्रयास नहीं करेंगे, लेकिन इस पर बड़ा संशय था। पाकिस्तान में सेना प्रमुख का बदला जाना बहुत बड़ी घटना होती है, जिससे पहले अटकलों और उत्सुकता का लंबा दौर चलता है और साजिशों की बातें भी उड़ती रहती हैं। विस्तार मांगे बगैर पद छोड़ने का जनरल

Northern Territories and a Search for Japanese-Russian Rapprochement

“石の上にも三年”

Lit. “Three Years on a Rock” (“One must be prepared to persevere at something for a long time before expecting to start seeing results.”)

राष्ट्रीय औषधि नीति का पुनर्निर्माण

राष्ट्रीय औषधि नीति इतना विवादित विषय है कि पिछले चार दशक में एक के बाद सरकारें इससे जूझती रही हैं, लेकिन सही नीति तैयार नहीं कर पाई हैं। उपभोक्ताओं और औषधि उद्योग के न्यायसंगत हितों के बीच सही संतुलन बिठाने के लिए कई प्रयास किए गए किंतु दोनों ही पक्ष उनसे असंतुष्ट रहे। उपभोक्ताओं को लगता था कि ताकतवर औषधि निर्माण खेमे के सामने अक्सर सरकारें घुटने टेकती रही हैं और उद्योग की शिकायत थी कि हर ओर से बंदिशें लगाने के बाद उनसे काम करने की अपेक्षा की जाती है। नतीजा यह निकला है कि सरकार द्वारा लगाई गई बेजा बंदिशों से औषधि विनिर्माण क्षेत्र का नुकसान हुआ है और उपभोक्ता को ऐसी विषम नीति की कीमत चुकानी प

The Crumbling “Caliphate” and its Implications: A Western Perspective

Ever since the international community, particularly under the leadership of the United States (US), began its anti-Daesh (ISIS) coalition military campaign in late 2014, a debate had started, and it is still continuing, over the likely impact this operation on each of the participating countries and the Daesh itself.

मिलिए नए प्रमुख से; पुराने प्रमुख जैसे तो नहीं?

पाकिस्तान के अगले सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की नियुक्ति की घोषणा से पहले जो अटकलें लगाई जा रही थीं और जो उत्साह था, उसे देखते हुए बीते जमाने के बैंड ‘द हू’ के गीत ‘वॉण्ट फूल्ड अगेन’ की पंक्तियां याद आती हैं, जिसका शीर्षक (भारत-पाकिस्तान संबंधों को और पाकिस्तानी सेना को देखते हुए) बिल्कुल उपयुक्त लगता हैः मीट द न्यू बॉस, सेम एज द ओल्ड बॉस। शीर्षक में प्रश्नचिह्न केवल इस बात पर है कि पाकिस्तान के नए बॉस के पद संभालने से पहले ही अधिक निराशावादी या संशयवादी न बना जाए और बातचीत के लिए कुछ गुंजाइश छोड़ी जाए।

पाकिस्तान से संबंध – सिंधु जल संधि, सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र का दर्जा और सीमा पार आतंकवाद

भारतीय सेना ने सितंबर के अंत में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दूसरी ओर जो लक्षित हमले (सर्जिकल स्ट्राइक) किए, वे राष्ट्रीय मानस पर इस तरह छा गए कि भारत के खिलाफ लगातार आतंकी कार्रवाई करते रहने और देश को निशाना बनाने वाले आतंकी संगठनों की मदद करने वाले पाकिस्तान को विशेषकर जम्मू-कश्मीर के उड़ी में सेना के शिविर पर हमले के बाद उत्तर देने के अन्य विकल्पों पर चर्चा ही बंद हो गई है। पिछली सरकारों के कार्यकाल में भारत के प्रभावहीन रवैये को देखते हुए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को पौरुष भरा जवाब माना गया। उसके बाद से लोहा गर्म है और भारतीय अधिकारी संकेत दे रहे हैं कि सितंबर में दिया गया जवाब इतने बड़े पैमाने और योज

Jammu & Kashmir - Deciding on Inviolability of Article 370

When the Jammu & Kashmir High Court, nearly a year ago, held that the State enjoyed “sovereignty” because such status had been “guaranteed under Article 370” of the Constitution of India, Pakistan-based Dawn newspaper gleefully ran the report. Back home in India too, the verdict came as a booster to separatists in the Kashmir valley and perhaps even some mainstream political leaders who are never tired of using the term ‘autonomy’ as a euphemism for ‘sovereignty’.