Consolidate Domain Knowledge of Personnel to Execute Defence Procurement Policy 2016

In keeping up with its recognition that ‘self-reliance in defence is of vital importance for both strategic and economic reasons’, the government has released the much anticipated Defence Procurement Policy (DPP) in March 2016. The DPP gives top priority for procurement of indigenously designed, developed and manufactured equipment. Earlier too, the prime emphasis in DPP 2013 was upon categorizing every proposal as Buy (Indian) unless adequately justified to the contrary. However Indigenization hardly made headway.

मोदी की सऊदी अरब यात्रा : जितना बताया गया उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण

ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकारों ने उनके विरोधियों द्वारा उनकी विदेश यात्राओं की दूर-दर्शिता और उससे जुड़ी खबरों के मीडिया में छाये रहने की आलोचना को दिल पर ले लिया है। वरना ऐसा कोई और कारण नजर नहीं आता जिससे कि ऐसे सही समय पर हुई इतनी महत्वपूर्ण यात्रा को अखबारों के अंदर के पृष्ठों पर जगह मिले और टीवी मीडिया इस यात्रा से पहले किसी तरह का माहौल ना बनाए।

भारतीय सेनाओं की छवि को चुनौती-सींग से पकड़े

मैं शुरू में ही पाठकों को बताना चाहता हूँ कि यह लेख समस्या को ज्यादा उजागर करेगा उसके हल के बजाय, क्योंकि समस्या इतनी बड़ी है कि पहले उसी को परिभाषित करना आवश्यक है। पिछले काफी समय से भारतीय सेनाओं को और खासकर आर्मी को आलोचनाओं का केन्द्र बनाकर उसी छवि को प्रभावित करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

Afghanistan: Heading for A Meltdown?

Notwithstanding the charade of a new peace/reconciliation move by the Quadrilateral Coordination Group (QCG) comprising the villain-in-chief Pakistan, victim-in-chief Afghanistan, financier-in-chief USA and bystander-cum-freeloader-in-chief China, the situation in Afghanistan is looking bleak. Many of the worst fears, even nightmares, about the negative trajectory of the state of affairs, particularly in the critical domain of security, appear to be coming true.

संबंध सुधारने के लिए नेपाली प्रधानमंत्री का भारत दौरा

नेपाल के प्रधानमंत्री श्री के.पी. शर्मा ओली ने कार्यालय ग्रहण करने के उपरांत (19 फरवरी से 24 फरवरी 2016) अपनी प्रथम भारत की यात्रा आरम्भ की। प्रधानमंत्री ओली की यह पहली विदेश यात्रा थी। अपना पद भार संभालने के उपरांत और नेपाल के प्रधानमंत्री के पांच वर्ष के अंतराल के पश्चात् भारत का किया जाने वाला यह विशेष दौरा था ।

Chinese Strategic Deal with Nepal

During the recent visit of the Nepalese Prime Minister KP Sharma Oli to China between March 20 and 27, 2016, Nepal signed 10 agreements, including on trade and transit, energy cooperation and connectivity sector.

In the transit sector, Nepal has now secured right to access to the Chinese sea port of Guangzhou as alternative to Kolkata port of India. China has also agreed to supply oil to Nepal. Additionally, it will extend Chinese railway through Tibet-Nepal border to Kathmandu, Pokhara and further to Lumbini lying just 25 kilometers from the Nepal-India border.

राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अधिक चौकन्ना रहने का समय

उ0प्र0 के दादरी में हिंसा, लखनऊ में रेलवे पटरी का कटा पाया जाना एवं फरूखाबाद रेलवे स्टेशन पर बम का होना ऐसी घटनाएं हैं जिनको केवल संयोग या आम घटना समझकर हल्के मे नहीं लिया जा सकता बल्कि यह सब एक सोची समझी साजिश के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को क्षति पहुंचाने का प्रयास है।

Modi's Saudi Sojourn : More Significant Than Being Made Out

Prime Minister Modi's advisers have taken to heart the flak from many of his detractors regarding the high visibility of his foreign visits and the media hype connected to them.

No other reason why such a significant visit at a most appropriate time should be covered in the inner pages of print media and not even receive a pre-event build up by visual media.

घरेलू कालेधन से निपटना

कालेधन के दो प्रकार हैं घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय। ये दोनों किसी स्तर पर एक दूसरे से जुड़े हैं परन्तु इनको नियंत्रण के प्रकार अलग अलग होते हैं। भारत में कालाधन बहुत ज्यादा है और इतनी बड़ी मात्रा में कालाधन देश की आर्थिक व्यवस्था को अस्थिर करने के साथ सरकार की नीतियों को भी अप्रभावी बनाता है।

घरेलू कालेधन से निपटने के लिए दो सुझावों पर विचार किया जा सकता है।

हिन्दी में शुरूआत

वर्ष 2009 में विवेकानन्द अन्तरराष्ट्रीय फाउण्डेशन की स्थापना के पश्चात् अब 2016 में मुझे यह सूचित करते हुए असीम आनन्द की अनुभूति हो रही है कि हम कुछ लेखों को वेब साइट के माध्यम से हिन्दी भाषा में भी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

विवेकानन्द अन्तरराष्ट्रीय फाउण्डेशन अभेदभावपूर्ण, अराजनैतिक एक स्वतन्त्र सकारात्मक वैचारिक चिन्तन मंच है जिसका मुख्य उद्देश्य कूटनीति, पड़ोसी देश, राष्ट्रीय सुरक्षा, सैनिक बल, राजकीय शासन और अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श द्वारा जटिल समस्याओं का समाधान तथा नीति निर्धारण आदि पर चिन्तन एवं अध्ययन करना है।